जीएसटी विभाग की ओर से इलेक्ट्रिकल कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सोमवार, 21 सितंबर 2026 को हरिद्वार इलेक्ट्रिकल ट्रेड एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर
विरोध प्रदर्शन किया और आर्यनगर चौक से चंद्राचार्य चौक तक विरोध मार्च निकाला।
इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की।
कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी
व्यापारियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से इलेक्ट्रिकल सामान का कारोबार करने वाले व्यापारियों के
प्रतिष्ठानों और दुकानों पर जीएसटी विभाग की ओर से छापेमारी की जा रही है। व्यापारियों के मुताबिक,
कम समय के नोटिस पर लाखों रुपये एडवांस टैक्स के नाम पर जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
उनका कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले इस तरह की कार्रवाई से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
अब तक जीएसटी कार्रवाई का विरोध मुख्य रूप से इलेक्ट्रिकल व्यापारियों की ओर से किया जा रहा था,
लेकिन सोमवार को अन्य व्यापार मंडलों से जुड़े व्यापारी भी उनके समर्थन में सामने आए। व्यापारियों ने
सामूहिक रूप से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विभाग से नियमानुसार नोटिस और दस्तावेजों की जांच के जरिए कार्रवाई करने की मांग की।
व्यापारियों ने बताई अपनी परेशानियां
हरिद्वार इलेक्ट्रिकल ट्रेड एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि दुकानें बंद करने का निर्णय स्वेच्छा
से लिया गया है और कई व्यापारिक संगठनों ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कारोबारी पहले से ही
मंदी, ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर लगने वाले शुल्क जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ऐसे में जीएसटी कार्रवाई से व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
राजीव गुप्ता के मुताबिक, यदि किसी व्यापारी के कारोबार को लेकर विभाग को शिकायत या संदेह है तो
नियमानुसार नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि वे जांच में सहयोग करने के
लिए तैयार हैं, लेकिन अचानक होने वाली छापेमारी से कारोबारियों में भय का माहौल बन रहा है।
दुकानें बंद कर चाबियां सौंपने की चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जीएसटी विभाग की कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन को और व्यापक किया
जाएगा। एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर दुकानें बंद कर सरकार को चाबियां सौंपने का कदम उठाया जा सकता है।
व्यापारी नेता प्रदीप कालरा ने कहा कि व्यापारी विभाग की जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
यदि अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाया जाता है तो व्यापारी उपलब्ध रहेंगे,
लेकिन जबरन छापेमारी और कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
व्यापारी नेता संजीव नैय्यर ने भी जीएसटी विभाग की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि अचानक की जा रही छापेमारी से व्यापारियों में भय का माहौल बन रहा है।
उन्होंने छापेमारी के बजाय नोटिस देकर जांच की प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही छापेमारी और कार्रवाई का सिलसिला नहीं रोका गया तो बड़ा आंदोलन
किया जाएगा। फिलहाल व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद जीएसटी विभाग की कार्रवाई को लेकर हरिद्वार में विवाद
और विरोध का माहौल बना हुआ है।















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