देश में उपराष्ट्रपति चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। मुकाबला दिलचस्प है, लेकिन संसद का गणित पहले ही बता रहा है कि इस बार भी बाज़ी NDA के हाथ में जा सकती है।
NDA का दांव: सीपी राधाकृष्णन
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और भाजपा के कद्दावर नेता सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया है। राधाकृष्णन संघ पृष्ठभूमि से आते हैं और संगठनात्मक राजनीति में लंबा अनुभव रखते हैं। वे पहले तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल का प्रभार भी संभाल चुके हैं।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि वाले राधाकृष्णन तमिलनाडु के एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं।
राधाकृष्णन तमिलनाडु के कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सदस्य भी रहे हैं। वे गौंडर जाति से हैं, जो तमिलनाडु में प्रभावशाली ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय है। राधाकृष्णन को 2023 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था। जुलाई 2024 में महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई थी।
INDIA गठबंधन का दांव: पूर्व जज मैदान में
वहीं विपक्षी INDIA ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि रेड्डी का करियर गरीबों, संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा को समर्पित रहा है। विपक्ष का मकसद है कि भले संख्याबल में कमजोर दिखे, लेकिन जनता तक नैतिकता और न्याय का संदेश पहुंचे।
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी
बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके हैं। रेड्डी 2005 में गुवाहाटी हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनने से पहले 1995 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जज थे। 2007 से 2011 तक वे सुप्रीम कोर्ट के जज रहे। इसके बाद वह रिटायर्ड हुए। रेड्डी ने 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त या भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल के रूप में भी कार्य किया।
संसद का गणित साफ: NDA की बढ़त
इस चुनाव में कुल 782 सांसद वोट डालने के योग्य हैं। जीत के लिए 392 वोट चाहिए।
- NDA के पास 427 वोट हैं।
- INDIA गठबंधन के पास 312 वोट।
- अन्य दलों व निर्दलीय सांसदों के पास 43 वोट।
पिछली बार (2022) हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में भी NDA ने आसानी से जीत दर्ज की थी। उस समय जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे, जबकि विपक्ष की मार्गरेट अल्वा सिर्फ 182 वोटों पर सिमट गई थीं।
विश्लेषक मानते हैं कि इस बार भी NDA की जीत लगभग तय है। लेकिन INDIA ब्लॉक इस चुनाव को “संख्याबल बनाम नैतिकता” की जंग के रूप में पेश कर रहा है। विपक्षी खेमे के लिए यह चुनाव जीत से ज्यादा एक राजनीतिक संदेश देने का मंच है।
कब होगा मतदान
चुनाव आयोग (ECI) ने उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख 9 सितंबर 2025 तय की है। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त और नाम वापसी की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था।

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