युवाओं को मिलेगा रोजगार
नगर में स्थित आंचल डेयरी परिसर में जल्द ही वाटर बॉटलिंग प्लांट की स्थापना होने जा रही है।
यह पहल न केवल क्षेत्रीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगी,
बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को आंचल ब्रांड का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी।
प्रस्ताव और स्वीकृति
दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए
डेयरी परिसर में प्लांट लगाने का प्रस्ताव बोर्ड से सर्वसम्मति से पास हो गया है।
उन्होंने कहा कि अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
“चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। आंचल ब्रांड का पानी यात्रियों के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित होगा। इससे न केवल मार्केट वैल्यू बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।” – श्रवण कुमार शर्मा
माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर: दुग्ध उत्पादकों के लिए नया अवसर
पौड़ी जनपद में पहली बार श्रीनगर आंचल डेयरी में माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया गया है।
यह सेंटर जायका योजना के माध्यम से संचालित है। यहाँ दुग्ध उत्पादकों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों को 1, 2 और 5 दिन के प्रशिक्षण विकल्प दिए जा रहे हैं।
श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उत्पादकों को आधुनिक तकनीक
और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
- पशु पोषण और फीडिंग मैनेजमेंट
- पशुओं की साफ-सफाई और सामान्य रोगों की पहचान
- दवाओं का सही उपयोग और समय पर टीकाकरण
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय
- दूध की गुणवत्ता जांच
- दुग्ध समितियों का पंजीकरण
यह प्रशिक्षण पूर्ण रूप से निशुल्क है और दिसंबर से शुरू हुआ है।
पहले उत्पादकों को प्रशिक्षण के लिए बाहर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों अधिक खर्च होते थे।
अब श्रीनगर में सुविधा उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है।
लाभ और भविष्य
श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि अब तक 542 दुग्ध उत्पादक इस ट्रेनिंग सेंटर से लाभान्वित हो चुके हैं और अपने व्यवसाय में इसका प्रत्यक्ष लाभ देख रहे हैं।
वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय ब्रांड आंचल की मान्यता बढ़ेगी।



















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