रीजनल रिपोर्टर ब्यूरो
वरिष्ठ नागरिक जनसेवा समिति की ओर से जनकवि डा अतुल शर्मा के वाणी विहार निवास पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि रविन्द्र जुगरान ने स्वाधीनता संग्राम सेनानियों को याद किया।

साथ ही महान स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा ‘ प्रेम ‘ की सशक्त रचना सुनाई- तुम स्वतंत्रता के लिए लड़े मिल गयी तुम्हें / अब समानता के लिए लड़ो मिल जायेगी।
अध्यक्षता कर रहे नागेन्द्र विशिष्ट अतिथि पूर्व पार्षद हुकुम सिह गढ़िया ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। साथ ही संचालन पी डी लोहानी ने किया।
गोष्ठी की शुरुआत प्रसिद्ध कवयित्री रंजना शर्मा ने अपना चर्चित जन गीत सुनाकर की – एक तिरंगा लहराये एक तिरंगा लहराये, सारे मिलकर बोल उठे अब एक तिरंगा लहराये।

गोष्ठी में देहरादून के जाने माने कवि शायरों ने भाग लिया। इसमे शायर शादाब अली ने अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत की- जन्मे दिल जख्म में जिगर में चश्मे तरह देखेगा कौन, है इधर जो आप जलवागर इधर देखेगा कौन प्रस्तुत की।
इसी श्रृखला में कवि डा राकेश बलूनी ने अपना सशक्त गीत प्रस्तुत करके वाह वाही लूटी- उन वीरों की याद दिला दी तुझे नमन मेरी आजादी ।
जनकवि डा अतुल शर्मा ने अपना प्रसिद्ध जन गीत पर्वत की चिट्ठी ले जाना तू सागर की ओर नदी तू बहती रहना, प्रस्तुत की।
गोष्ठी मे राज्य आन्दोलन कारी मंच के सचिव प्रदीप कुकरेती, ओमप्रकाश नौटियाल, संतन सिंह, ठाकुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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