महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार इलाके में सोमवार को हुआ बिल्डिंग हादसा अब और भी दर्दनाक हो गया है।
दस साल पुरानी और अवैध रूप से बनी रमाबाई अपार्टमेंट के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इस मलबे में से कई शव निकाले जा चुके हैं, जबकि राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है।
घटना को 30 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। एनडीआरएफ की टीमें, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक छह शव मौके से निकाले गए, जबकि अन्य लोगों ने अस्पतालों में दम तोड़ा।
वहीं, छह लोग गंभीर रूप से घायल हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। तीन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

मां-बेटी समेत कई की पहचान
हादसा उस वक्त हुआ जब एक परिवार अपनी मासूम बेटी का पहला जन्मदिन मना रहा था। केक काटने के कुछ ही मिनट बाद इमारत भरभराकर ढह गई। मौके पर मां-बेटी की मौत हो गई और पिता का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
अब तक मृतकों में सात की पहचान हो चुकी है। इनमें आरोही ओंकार जोविल (24) और उनकी एक वर्षीय बेटी उत्कर्षा, लक्ष्मण किस्कू सिंह (26), दिनेश प्रकाश सपकाल (43), सुप्रिया निवालकर (38), अर्नव निवालकर (11) और पार्वती सपकाल शामिल हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई
वसई विरार नगर निगम (VVMC) ने बताया कि 2012 में निर्मित इस इमारत में 50 फ्लैट थे और हादसे में ढहे हिस्से में 12 अपार्टमेंट थे। जांच में सामने आया कि यह निर्माण अनधिकृत और असुरक्षित था। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है।
पालघर के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने बताया कि सौभाग्य से जिस चॉल पर इमारत गिरी, वह खाली थी। एहतियातन, आस-पास की सभी चॉलों को खाली करा दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

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