राष्ट्रपति को ज्ञापन
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर “विकसित भारत राम जी योजना”
किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में ऊखीमठ तहसील मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र
और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते हुए
मनरेगा का नाम यथावत बनाए रखने की मांग की और चेतावनी दी
कि नाम परिवर्तन की स्थिति में देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
‘भारत की आत्मा गांवों में बसती है’
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है
और दशकों से महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से गांवों का चहुंमुखी विकास हुआ है।
इस योजना ने ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर मनरेगा
को कमजोर और खंडित करने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महात्मा गांधी के योगदान का अपमान: कांग्रेस
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है।
इसी सम्मान में पूर्ववर्ती सरकारों ने उनके नाम पर इस योजना का संचालन किया।
ऐसे में योजना का नाम बदलना न केवल अनुचित है, बल्कि राष्ट्रीय हित के भी विरुद्ध है।
नाम बदला तो देशव्यापी आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास किया गया,
तो पार्टी को देशभर में आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उनका कहना था कि यह लड़ाई केवल नाम की नहीं, बल्कि ग्रामीण अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा की है।
इन नेताओं की रही प्रमुख मौजूदगी
प्रदर्शन में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अवतार नेगी, पीसीसी सदस्य आनंद सिंह नेगी, गुरिल्ला संगठन जिलाध्यक्ष बसंती रावत, कांग्रेस मनरेगा प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक बगवाड़ी, केदारनाथ विधानसभा प्रभारी अंकुर रौथाण, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी, कांग्रेस सेवादल जिला महामंत्री दिनेश पुरोहित, कांग्रेस युवा जिलाध्यक्ष कर्मवीर कुवर, पूर्व सभासद प्रमोद नेगी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य धर्म सिंह नेगी सहित उदय लाल, कुवरी देवी, सरोज, प्रकाश पंवार, कुवर सिंह, माधव और प्रियंका देवी मौजूद रहे।















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