श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा
कीर्तिनगर ब्लॉक के हिंसरियाखाल क्षेत्र अंतर्गत पाटाखाल (मयाली) में चल रही
श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला।
दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे।
कथा व्यास आचार्य दीपक नौटियाल ने इस अवसर पर श्रीमद् भागवत से ध्रुव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि ध्रुव का जीवन यह सिखाता है कि यदि मन में संकल्प स्पष्ट और लक्ष्य अटल हो, तो कोई भी साधना व्यर्थ नहीं जाती।
ध्रुव की प्रतिज्ञा और तप के उदाहरण के माध्यम से उन्होंने भगवत् प्राप्ति के मार्ग को सरल शब्दों में समझाया।

ध्येय की स्पष्टता पर जोर
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में एक निश्चित उद्देश्य तय करना आवश्यक है।
लक्ष्य स्पष्ट हो तो कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति विचलित नहीं होता और अंततः सफलता प्राप्त करता है।
ध्रुव के बाल्यकाल में किए गए संकल्प को उन्होंने आज के समय के लिए भी प्रासंगिक बताया।
कथा के दौरान श्रोताओं ने पूरे मनोयोग से प्रवचन सुना। आयोजन स्थल पर वाणी विलास उनियाल,
महावीर प्रसाद, गजेंद्र प्रसाद, सुरेश उनियाल, सत्यप्रसाद बंगवाल, बद्री प्रसाद भट्ट,
राजेन्द्र खंडूड़ी, मोहनलाल, रमेश प्रसाद कुकशाल सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
















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