मालखी और जगोठ गांव में भव्य स्वागत
उत्तराखंड के तल्लानागपुर क्षेत्र की सुरम्य वादियों में 25 वर्षों बाद भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा पहुंची।
जगोठ गांव में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया, जबकि मालखी गांव में महिलाएँ और ग्रामीण भावुक क्षणों के साथ यात्रा को विदा करते दिखाई दिए।
उत्तर दिवारा: छह महीने का धार्मिक भ्रमण
भगवती चण्डिका उत्तर दिवारा के तहत विभिन्न गांवों का भ्रमण कर रही हैं।
इस दौरान वे ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दे रही हैं। यह दिवारा यात्रा लगभग 6 माह तक चलेगी।
चारों दिशाओं के भ्रमण के बाद घर दिवारा के तहत विशाल यज्ञ के साथ इसका समापन होगा।
रविवार को मालखी गांव में विद्वान आचार्यों ने पंचांग पूजन और ब्रह्म बेला के अंतर्गत अनेक पूजाएं संपन्न की।
इस अवसर पर भगवान कार्तिक स्वामी, तुंगनाथ बाबा और भगवती चण्डिका सहित
33 कोटि देवी-देवताओं का आवाहन कर आरती उतारी गई।
नगर भ्रमण और आशीर्वाद
दिवारा यात्रा ने मालखी गांव का नगर भ्रमण किया, जहां ग्रामीणों ने लाल और पीले वस्त्र,
पूजा सामग्री अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। देर शाम, जगोठ गांव में भी पुष्प वर्षा के साथ यात्रा का स्वागत किया गया।
यात्रा का ऐतिहासिक महत्व
दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष मानवेंद्र बर्त्वाल ने बताया कि भगवती चण्डिका गणेशनगर,
क्यूजा घाटी और तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेंगी।
इसके बाद भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मंदिर में पहुंचकर,
भगवती चण्डिका, भगवान केदारनाथ और भगवान मदमहेश्वर के 25 वर्षों बाद ऐतिहासिक मिलन का साक्षी हजारों श्रद्धालु बनेंगे।
अगस्तमुनि क्षेत्र में पर्दापण के दौरान अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।
इस अवसर पर पंडित दीपक बेजवाल, दिनेश बेजवाल, संगीत भट्ट, उपाध्यक्ष दलवीर राणा, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
















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