सार्वजनिक शौचालय हटाने का निर्णय
सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की पहल
पौड़ी जिले के श्रीनगर शहर की ऐतिहासिक पहचान रही पीपलचौरी
अब नए और सुसज्जित स्वरूप में नजर आएगी।
वर्षों तक उपेक्षा का शिकार रही पीपलचौरी को उसकी मूल गरिमा लौटाने के लिए
नगर निगम श्रीनगर ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस दिशा में पीपलचौरी के सामने बने सार्वजनिक शौचालय को हटाकर यहां वाल्मीकि चौक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पीपलचौरी: सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत
स्थानीय लोगों के अनुसार, पीपलचौरी श्रीनगर की उन ऐतिहासिक जगहों में शामिल रही है,
जहां दूर-दराज के गांवों से लोग वर्षों तक एकत्र होते थे।
पुराने समय में यहां त्यौहारों पर भजन-कीर्तन और सामूहिक आयोजन हुआ करते थे। समय के साथ यह ऐतिहासिक स्थल अपनी पहचान खोता चला गया।
मेयर का संकल्प, अब धरातल पर
नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी ने कहा कि पीपलचौरी शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है।
इसकी गरिमा को लौटाना नगर निगम की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण के समय लिया गया पहला संकल्प अब पूरा होने की दिशा में है और वाल्मीकि चौक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सार्वजनिक शौचालय हटाने का फैसला
मेयर ने बताया कि पीपलचौरी के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से लोगों, खासकर महिलाओं,
के लिए असुविधा का कारण बना हुआ था।
यह शौचालय तिराहे के बीचों-बीच स्थित था, जिससे गुजरते समय असहजता महसूस होती थी।
स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। पास में स्थित शौचालय को आधुनिक
और हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
मेयर आरती भंडारी ने कहा कि वाल्मीकि चौक के निर्माण के लिए
जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और कार्य को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
यह पहल न केवल पीपलचौरी की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करेगी,
बल्कि श्रीनगर शहर को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक स्थल भी प्रदान करेगी।
















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