अधिकारियों को लेकर भाषा पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
भारतीय जनता पार्टी के रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी का एक वीडियो
इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में विधायक अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो में भरत सिंह चौधरी यह कहते नजर आ रहे हैं-“जो अधिकारी मेरी नहीं सुनेगा, वह मेरे जूते की सुनेगा।”
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है,
वहीं सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।
एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है वीडियो
बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है,
जो रुद्रप्रयाग जनपद की बड़मा पट्टी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान का है।
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान विधायक भरत सिंह चौधरी ने बड़मा क्षेत्र में सैनिक स्कूल बनाए
जाने की पुरानी घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी घोषणा करने वाले नेता अब गायब हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल भले ही न बन पाया हो, लेकिन बड़मा क्षेत्र में वेटनरी मेडिकल कॉलेज जरूर बनाया जाएगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रुद्रप्रयाग हरक सिंह रावत पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा “जिन्होंने कहा था ‘आ गया हरक, पड़ गया फरक’, वे अब कहीं नजर नहीं आते।”
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछला विधानसभा चुनाव उन्होंने 30 हजार से अधिक वोटों से जीता था,
और आगामी चुनाव में 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगे।
भाषा को लेकर तीखी आलोचना
वायरल वीडियो में अधिकारियों को “जूते की नोंक पर रखने” जैसे शब्दों के
प्रयोग को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ बताया है।
हालांकि, वायरल वीडियो पर विधायक भरत सिंह चौधरी का कहना है
कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनका कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं विधायक
यह पहला मौका नहीं है जब विधायक भरत सिंह चौधरी विवादों में आए हों।
पिछले वर्ष तिलनी क्षेत्र में महिलाओं के साथ उनकी नोकझोंक का वीडियो भी वायरल हुआ था।
उस समय क्षेत्र में हुई एक दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे।
जाम में फंसने के बाद महिलाओं ने विधायक का कड़ा विरोध किया था।
इसके अलावा अगस्त्यमुनि में स्टेडियम निर्माण को लेकर दिए गए उनके बयान पर भी वे पहले ट्रोल हो चुके हैं।
















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