77वें गणतंत्र दिवस 2026 से ठीक पहले केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा कर दी है।
राष्ट्रपति भवन ने कुल 131 पद्म पुरस्कार मंजूर किए हैं, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं।
यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, सार्वजनिक जीवन, विज्ञान, खेल और समाज सेवा में असाधारण योगदान दिया है।
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं और
यह सम्मान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।
दिल्ली की प्रमुख हस्तियों को मिला पद्म सम्मान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की चार प्रमुख हस्तियों को इस वर्ष पद्म पुरस्कार से नवाजा गया है:
- वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत) – सार्वजनिक जीवन (Public Affairs) में योगदान के लिए पद्म भूषण।
- एम. जगदीश कुमार – साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री।
- आर. वी. एस. मणि – सिविल सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री।
- राममूर्ति श्रीधर – रेडियो प्रसारण (Radio Broadcasting) के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री।
ये सम्मान औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में प्रदान किए जाएंगे।
समारोह में पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और पदक से सम्मानित किया जाएगा।
पद्म पुरस्कार: विशेषता और महत्व
पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं:
- पद्म विभूषण: असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए
- पद्म भूषण: उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए
- पद्मश्री: किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए
इन पुरस्कारों से यह संदेश मिलता है कि देशभर के नागरिक अपने कार्य और सेवा से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
उत्तराखंड समेत पूरे देश में इस घोषणा का उत्साह है, और यह राज्य के नागरिकों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी माना जा रहा है।
अशोक चक्र और कीर्ति चक्र सम्मान
- अशोक चक्र से सम्मानित हुए एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने अपनी बहादुरी और अद्वितीय सेवा के लिए देश का यह सर्वोच्च सम्मान प्राप्त किया।
- सेना के 3 अधिकारियों को कीर्ति चक्र से नवाजा गया।
- 13 सैनिकों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
पुलिस और सेवा मेडल
- देशभर में 982 पुलिस कर्मियों को सेवा मेडल से सम्मानित किया गया, जो कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिक सुरक्षा में उनके योगदान के लिए प्रदान किए गए।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य न केवल वीरों की बहादुरी और साहस को मान्यता देना है, बल्कि यह देशवासियों के लिए प्रेरणा भी है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सम्मानितों को औपचारिक रूप से अवॉर्ड प्रदान किया गया।

















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