राजस्थान ने सबसे पहले शुरू की थी मुफ्त सैनिटरी नैपकिन योजना
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मासिक धर्म से जुड़े स्वास्थ्य को जीवन के अधिकार का हिस्सा घोषित किए जाने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार की पहल का जिक्र किया है।
गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान देश का पहला राज्य था, जिसने महिलाओं और छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई ‘उड़ान योजना’ का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान को सुनिश्चित करना था।
इस योजना के जरिए स्कूलों और विभिन्न संस्थानों में छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए गए।
अशोक गहलोत ने कहा कि मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता और सुविधाएं महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में जरूरी कदम हैं।
सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला इस बात को और मजबूती देता है कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को मूल अधिकारों के रूप में देखा जाना चाहिए।

















Leave a Reply