भगवा वेश में संसद के बाहर प्रदर्शन पर भड़के संत, निरंजनी अखाड़े में लगाए पोस्टर
संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर कटोरा लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन को
लेकर संत समाज का विरोध तेज हो गया है। रविवार को हरिद्वार स्थित निरंजनी अखाड़े में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के
अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में संतों ने दोनों सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके पोस्टर लगाकर नाराजगी जताई।
पोस्टर लगाकर जताया विरोध, कटोरे रखकर किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान संतों ने पोस्टरों के सामने प्रतीकात्मक रूप से कटोरे रखे। उनका कहना था कि भगवा वस्त्र त्याग, तपस्या
और सनातन परंपरा का प्रतीक हैं। ऐसे पवित्र वेश का राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन में इस्तेमाल करना संत समाज
और धार्मिक परंपराओं का अपमान है।
अखाड़ा परिषद ने सार्वजनिक माफी की मांग की
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद को अपने
कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से संत समाज और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि दोनों सांसद माफी मांगते हैं तो संत समाज उन्हें क्षमा करने को तैयार है, लेकिन यदि ऐसा नहीं किया गया तो विरोध जारी रहेगा।
कुंभ में आने पर विरोध की चेतावनी
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पप्पू यादव हरिद्वार, उज्जैन या नासिक में आयोजित होने वाले
आगामी कुंभ मेले में आते हैं तो संत समाज उनका कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि इस घटना से संत समाज में गहरा आक्रोश है।
महामंडलेश्वर बोले- सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं
महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि ने कहा कि भगवा वेशभूषा का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस प्रकार उपयोग स्वीकार नहीं
किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों सांसद सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा।
संत समाज सनातन परंपरा और धार्मिक प्रतीकों के अपमान को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद ने संसद परिसर के बाहर अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे को लेकर
भगवा वस्त्र पहनकर और कटोरा हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन को लेकर हरिद्वार के संतों ने कड़ी
आपत्ति जताई है। इससे पहले जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
विरोध तेज होने के संकेत
संत समाज का कहना है कि यदि दोनों सांसदों की ओर से सार्वजनिक माफी नहीं आती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को
और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल हरिद्वार में इस मुद्दे को लेकर धार्मिक संगठनों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
















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