खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण का मामला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है।
बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत अन्य के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की है।
शिकायत 31 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता टी.आर. रामप्पा आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।
8 अगस्त की रैली के बाद 10 अगस्त को अनुष्ठान का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी।
इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को उसी स्थान पर कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान कराया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस तरह का कृत्य जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने महेंद्र भट्ट पर घटना का सार्वजनिक रूप से बचाव और समर्थन करने का आरोप भी लगाया है।
BNS और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गईं
पुलिस ने शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद 4 सितंबर 2026 को जीरो FIR दर्ज की। FIR दोपहर करीब 1 बजे दर्ज हुई और इसका नंबर 03/2026 बताया गया है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(बी) के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
उत्तराखंड पुलिस करेगी आगे की जांच
शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस से वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाने का आग्रह किया है।
अब बेंगलुरु में दर्ज जीरो FIR को आगे की जांच के लिए उत्तराखंड पुलिस को भेजा जाएगा।
इसके बाद मामले में जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई उत्तराखंड में होगी।
FIR के बाद बढ़ी सियासी हलचल
मामले में जीरो FIR दर्ज होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से चल रही बयानबाजी के बीच यह मामला राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन सकता है।
हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
















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