SC-ST एक्ट और 307 पर कानूनी राय
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक नेता अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए FIR दर्ज होने
का दावा किया है। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई में देरी को लेकर भी सवाल उठाए।
SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ने पर मंथन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ने को लेकर कानूनी राय ले रही है।
पुलिस इस बात पर भी कानूनी राय ले रही है कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जा सकती है या नहीं।
नई धाराएं जोड़ने का फैसला कानूनी राय और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हो सकता है।
पीड़ित के पिता ने क्या कहा?
निशू आजाद के पिता संजय आजाद ने बताया कि पुलिस उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए सहमत हुई है। उनके मुताबिक, FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि नई मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने पर फैसला लिया जाएगा।
उनके अनुसार, अलग FIR दर्ज होने की संभावना कम है और पुरानी FIR में ही धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
मामला उस समय चर्चा में आया, जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में वह जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार पर हमला करने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि हमले के बावजूद उन्हें जेल नहीं भेजा गया।
उन्होंने इस संबंध में भाजपा विधायक कपिल मिश्रा का नाम भी लिया।
हालांकि, वीडियो में किए गए दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
4 सितंबर को थाने पहुंचे प्रदर्शनकारी
वीडियो सामने आने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
4 सितंबर को सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे।
इस दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
निशू आजाद के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
अब मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है।
















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