धर्म भाई लाटू देवता के दर पहुंचीं राजराजेश्वरी
उत्तराखंड की प्रसिद्ध नंदा देवी लोकजात यात्रा में मां नंदा राजराजेश्वरी की पवित्र डोली वाण गांव पहुंच गई है।
वाण पहुंचने पर ग्रामीणों, ध्याणियों और दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने डोली का भव्य स्वागत किया।
ढोल-दमाऊ की थाप, शंखनाद और पुष्प वर्षा के बीच पूरा वाण गांव मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा।
लाटू देवता के मंदिर में हुई विशेष पूजा
वाण गांव को मां नंदा की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। यहां मां नंदा के धर्म भाई लाटू देवता का मंदिर स्थित है।
डोली के पहुंचने पर लाटू देवता के मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। ध्याणियों ने मां नंदा को चूड़ी, बिंदी और लाल चुनरी अर्पित की।
इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक मांगल और जागर गाए। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच माहौल भावुक हो गया।
वाण में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मां नंदा की डोली के दर्शन के लिए वाण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मान्यता है कि वाण मां नंदा की कैलाश यात्रा का अंतिम मानव पड़ाव है। यहां से यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्र और बुग्यालों की ओर बढ़ती है।
लोक मान्यताओं के अनुसार, लाटू देवता मां नंदा के धर्म भाई हैं। वाण से आगे की कठिन यात्रा में लाटू देवता उनके रक्षक के रूप में साथ चलते हैं।
रात्रि विश्राम के बाद आगे बढ़ेगी यात्रा
वाण गांव में रात्रि विश्राम के बाद मां नंदा की डोली आगे की यात्रा के लिए रवाना होगी।
इसके बाद यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्र और बुग्यालों की ओर बढ़ेगी। यात्रा में स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालु और ध्याणियां भी शामिल हैं।
इस दौरान यात्रा प्रबंधन समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन की टीमें भी व्यवस्थाओं में जुटी हैं।















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