पुलकित मणि की मिमिक्री पर सियासी विवाद
इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया।
शिक्षा, परीक्षा, भर्ती, रोजगार और विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता के मुद्दे उठे।
इसी दौरान कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। इस पर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
छात्रों ने परीक्षा, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे उठाए
19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे संवाद किया।
कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई सवाल सामने आए।
छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया और विश्वविद्यालयों में कथित अनियमितताओं से जुड़ी समस्याएं रखीं।
एक छात्र ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से जुड़े मामलों का मुद्दा उठाया।
एक छात्रा ने नर्सिंग शिक्षा की स्थिति पर अपनी परेशानी बताई। रिपोर्टों के अनुसार, उसने कहा कि 2020 में प्रवेश लेने के बावजूद 2026 तक उसकी पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी।
कार्यक्रम में हॉस्टल और विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया।
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो के जरिए छात्रावास व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि सवाल पूछना उनकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और संस्थानों में जवाबदेही को लेकर अपनी बात रखी।

राहुल गांधी बोले- सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि छात्र किसी बात को सिर्फ इसलिए स्वीकार नहीं करता क्योंकि उसे बता दिया गया है।
उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बताते हुए कहा कि वे किसी व्यवस्था से जुड़े सवालों का कारण जानना चाहते हैं।
उनके भाषण में पेपर लीक, रोजगार और खाली सरकारी पदों का मुद्दा भी शामिल रहा।
राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए इसके छह लक्षण भी बताए।
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों की जगह ऐसे लोगों को पसंद करती है, जो सवाल नहीं करते।
यह बयान राहुल गांधी के राजनीतिक भाषण का हिस्सा था। उनके इन दावों पर भाजपा की ओर से भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।
छह लोगों के जरिए ‘सिस्टम’ चलाने का दावा
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में एक स्लाइड के जरिए अपने बताए ‘सिस्टम’ की संरचना समझाई। उन्होंने दावा किया कि इसकी शीर्ष परत में छह लोग शामिल हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल, मोहन भागवत, गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के नाम लिए।
उन्होंने इन लोगों को सत्ता, सुरक्षा, विचारधारा और कारोबार से जुड़ी अलग-अलग भूमिकाओं से जोड़ा।
इन टिप्पणियों को राहुल गांधी के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने संस्थानों में कथित हस्तक्षेप और शिक्षा क्षेत्र में फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों से संवाद और सवाल पूछने की अपील की।
मंच पर पुलकित मणि ने की पीएम मोदी की मिमिक्री
कार्यक्रम का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की।
वायरल वीडियो में पुलकित मणि पीएम मोदी के बोलने और हंसने के अंदाज की नकल करते दिखाई देते हैं।
इस दौरान राहुल गांधी भी उनके साथ मंच पर नजर आए।
मिमिक्री के दौरान राहुल गांधी और पुलकित मणि के बीच संवाद हुआ। इसी वीडियो के कुछ हिस्सों को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि मंच पर प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी के संदर्भ में अमर्यादित टिप्पणी की गई।
भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने वीडियो बयान जारी कर राहुल गांधी पर हमला बोला।
उन्होंने मंच पर हुई टिप्पणी को अभद्र और अस्वीकार्य बताया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सार्वजनिक मंच पर भाषा और टिप्पणियों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां को लेकर इस तरह की टिप्पणी को राजनीतिक हास्य के नाम पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
इस विवाद को लेकर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी राहुल गांधी की आलोचना की।
कार्यक्रम का केंद्र छात्रों के मुद्दे रहे
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम केवल राजनीतिक भाषण तक सीमित नहीं रहा।
छात्रों ने अपनी शिक्षा, परीक्षा, भर्ती, रोजगार और संस्थागत पारदर्शिता से जुड़े सवाल सीधे मंच पर रखे।
राहुल गांधी ने इन सवालों को मौजूदा व्यवस्था से जोड़ते हुए छात्रों की भूमिका पर जोर दिया।
दूसरी ओर, पुलकित मणि की प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा वाले हिस्सों में शामिल हो गई।
इंदौर का यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पहल का पांचवां संस्करण था।
इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।















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