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IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर बवाल, प्रोफेसर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस

परीक्षा में ChatGPT इस्तेमाल के बाद छात्र ने दी जान

IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस विभाग में द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की शनिवार, 19 सितंबर को मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल पर ChatGPT का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था।

इसके बाद उसी शाम साहिल ने हॉस्टल के कमरे में जान दे दी। घटना के बाद कैंपस में छात्रों के बीच आक्रोश फैल गया।

छात्रों का कहना है कि यह इस साल IIT बॉम्बे कैंपस में आत्महत्या की तीसरी घटना है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

परिवार ने प्रोफेसर पर प्रताड़ना और जातिसूचक टिप्पणी का लगाया आरोप

साहिल के माता-पिता ने एनर्जी साइंस विभाग के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी।

परिवार का आरोप है कि प्रोफेसर साहिल को लगातार प्रताड़ित करते थे और जातिसूचक टिप्पणियां करते थे।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि साहिल को परीक्षा के बाद निलंबन की धमकी दी गई थी।

बताया गया है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला परीक्षा के दौरान निरीक्षक की भूमिका में थे।

वह इससे पहले संस्थान के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स भी रह चुके हैं।

पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

IIT निदेशक ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से किया इनकार

IIT बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है।

उन्होंने संस्थान में किसी भी तरह के जातिगत भेदभाव से इनकार किया।

संस्थान के मुताबिक, छात्रों की जाति से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की जाती है।

संस्थान ने यह भी कहा कि साहिल के खिलाफ परीक्षा में ChatGPT इस्तेमाल करने के मामले में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।

संस्थान के अनुसार, छात्र को भरोसा दिया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उसके अकादमिक करियर पर असर नहीं पड़ेगा।

गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे परिजन

साहिल के माता-पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया।

साहिल के पिता रविंद्र ने कहा कि गिरफ्तारी होने तक वह बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

साहिल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।

मामले को लेकर कैंपस में काफी देर तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन हुआ।

इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार से बातचीत की।

पुलिस अधिकारियों ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।

इसके बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। एसीपी स्तर के अधिकारी की निगरानी में जांच का आश्वासन मिलने पर परिवार शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुआ।

मामले में पुलिस अब परिवार के आरोपों, परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं और संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रही है।

https://regionalreporter.in/mohabbewala-truck-accident-dehradun/
https://youtu.be/1kYfFDB_4rQ?si=E4paUwwVVXhurSuU
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