प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देश के कई मुद्दों और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ, जनगणना, स्वच्छता, पर्यावरण और युवाओं से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
उत्तराखंड में माना से शुरू हुई जनगणना
प्रधानमंत्री ने जनगणना के दौरान उत्तराखंड के सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में चल रहे काम का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि चमोली के माना गांव से जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत हुई।
पीएम ने माना गांव की 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत का भी जिक्र किया। उनके साथ जनगणना प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी साझा की गई।
उत्तरकाशी के बागोरी गांव के होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा का उदाहरण भी दिया गया।
उन्होंने डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज की।
प्रधानमंत्री के अनुसार देश में अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है।
लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कठिन इलाकों में भी प्रक्रिया जारी है।
सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का जिक्र
प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने एलओसी पार कर आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
उन्होंने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और मुंबई के 26/11 हमले का भी संदर्भ दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
अशोक सिंघल की जन्मशती और सोमनाथ का जिक्र
27 सितंबर को अशोक सिंघल की 100वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री ने उनके जीवन और राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका को याद किया।
इसके अलावा उन्होंने सोमनाथ और मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास का उल्लेख किया।
मोढेरा को आधुनिक सौर ऊर्जा से जोड़ते हुए ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान विकास के बीच संबंध पर भी बात की।
स्वच्छता से पर्यावरण तक कई विषयों पर चर्चा
कार्यक्रम में गांधी जयंती से पहले चल रहे स्वच्छता अभियानों का उल्लेख किया गया।
मध्य प्रदेश में नदी सफाई, आंध्र प्रदेश में पुराने कुओं और बावड़ियों की सफाई तथा मुंबई में समुद्र तटों की सफाई जैसे उदाहरण सामने रखे गए।
पर्यावरण के मुद्दे पर असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का उदाहरण दिया गया।
पीएम ने बताया कि अतिक्रमण हटने के बाद इस क्षेत्र में हाथियों की वापसी हुई है।
उन्होंने पिग्मी हॉग संरक्षण और सुंदरबन में मैंग्रोव लगाने के प्रयासों का भी जिक्र किया।
नशामुक्ति, खेल और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चलाए जा रहे नशामुक्त युवा अभियान का उल्लेख किया।
उन्होंने खेल प्रतिभाओं को गांवों से तलाशने और उन्हें प्रशिक्षण देने के प्रयासों की भी चर्चा की।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आंवला आधारित कारोबार को ओडीओपी से जोड़ने का उदाहरण दिया गया।
वहीं सितंबर के पोषण माह के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही पहलों की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के अंत में भारत की सांस्कृतिक परंपराओं की विदेशों में मौजूदगी का भी उल्लेख हुआ।
थाईलैंड में गणेश परंपरा और गणेश प्रतिमाओं के संग्रह का उदाहरण इसके लिए सामने रखा गया।















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