‘गढ़वाली गौरव सम्मान-2026’ से हुए सम्मानित
श्राद्ध पक्ष में गढ़वाली लेखक संदीप रावत के संस्मरण संग्रह ‘तर्पण’ का विमोचन किया गया।
उत्कर्ष प्रकाशन के कंकरखेड़ा स्थित कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ‘गढ़वाली गौरव सम्मान-2026’ से भी सम्मानित किया गया।
13 दिवंगत साहित्यकारों से जुड़े संस्मरण संकलित
डांग, श्रीनगर गढ़वाल निवासी संदीप रावत की इस पुस्तक में गढ़वाल के 13 दिवंगत साहित्यकारों के
साथ बिताए गए पलों और उनसे मिले मार्गदर्शन को संकलित किया गया है।
लेखक के अनुसार, गढ़वाली गद्य साहित्य में किसी एक लेखक द्वारा लिखे गए संस्मरणों का यह पहला संग्रह है।
पुस्तक में शिवराज सिंह रावत ‘निःसंग’, मोहन लाल नेगी, मोहनलाल बाबुलकर, भगवती प्रसाद नौटियाल,
डॉ. शिवप्रसाद नैथानी, डॉ. अचलानन्द जखमोला, नित्यानंद मैठाणी, चारूचन्द्र चन्दोला,
डॉ. उमाशंकर थपलियाल ‘समदर्शी’, बी. मोहन नेगी, अवनीन्द्र उनियाल, अम्बिका जोशी और राजीव कगड़ियाल ‘राँकू’ से जुड़े संस्मरण शामिल हैं।

वक्ताओं ने बताया गढ़वाली साहित्य की धरोहर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और गढ़वाली के पहले पजलकार जगमोहन सिंह रावत ‘जगमोरा’ ने कहा कि संदीप रावत लंबे समय से गढ़वाली भाषा और साहित्य के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने ‘तर्पण’ को दिवंगत साहित्यकारों की स्मृतियों को सहेजने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कवि एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक गिरीश त्यागी ने कहा कि श्राद्ध पक्ष में दिवंगत
साहित्यकारों को याद करने के कारण इस पुस्तक की सार्थकता और बढ़ जाती है।

गढ़वाली व्यंग्यकार संदीप घनशाला ने भी इसे श्रमसाध्य और महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्य बताया।
विमोचन कार्यक्रम में गीतकार मोहन सिंह नेगी, सुनील रावत, प्रकाशक हेमन्त शर्मा, प्रीति शर्मा,
अक्षय शर्मा, गजलकार मंगल सिंह ‘मंगल’, महेंद्र रस्तोगी, यशपाल रस्तोगी और शीतल खंतवाल सहित मेरठ में रहने वाले गढ़वाली साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
संदीप रावत की अब तक गढ़वाली साहित्य की विभिन्न विधाओं में आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनका गढ़वाली कथा संग्रह ‘उदरोळ’ भी उत्कर्ष प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है।
















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