रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

81 वर्षीय सत्यप्रकाश घिल्डियाल को राज्य स्तरीय सम्मान, पौड़ी से एकमात्र चयन

श्रीनगर गढ़वाल में समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय 81 वर्षीय सत्यप्रकाश घिल्डियाल को राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चुना गया है।

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर 1 अक्टूबर को देहरादून में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित करेंगे।

समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रदेशभर से 20 लोगों का चयन किया गया है।

इनमें पौड़ी जिले से सत्यप्रकाश घिल्डियाल का चयन एकमात्र व्यक्ति के रूप में हुआ है। वे डांग, श्रीनगर निवासी हैं और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हैं।

बचपन से संघर्ष के बीच जारी रही पढ़ाई

सत्यप्रकाश घिल्डियाल का जन्म 11 मई 1945 को पौड़ी गढ़वाल की पट्टी चलणस्यूं के कगड़ी गांव में हुआ।

सात भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर रहे सत्यप्रकाश ने बचपन में ही पिता को खो दिया था।

पिता के निधन के बाद पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके सामने आ गईं।

उन्होंने खेती-किसानी के काम में हाथ बंटाते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी। शुरुआती शिक्षा के बाद वे छात्रवृत्ति के जरिए श्रीनगर पहुंचे।

नौवीं कक्षा में असफल होने के बाद छात्रवृत्ति बंद हो गई।

इसके बाद गांव लौटकर उन्होंने खेती के साथ निजी विद्यालय से आगे की पढ़ाई पूरी की।

मां की स्मृति में अस्पताल में बनवाया वार्ड

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना अधिक समय सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों में लगाया। वे रोटरी क्लब श्रीनगर सहित कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं।

जून 2003 में मां देवकी देवी के निधन के बाद उन्होंने पारंपरिक कर्मकांडों पर खर्च करने के बजाय

करीब छह लाख रुपये से राजकीय अस्पताल श्रीनगर में ‘देवकी घिल्डियाल वार्ड’ का निर्माण कराया।

मानव सेवा के प्रति उनका जुड़ाव यहीं तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2007 में उन्होंने जौलीग्रांट अस्पताल में मृत्यु के बाद देहदान का शपथ-पत्र भी तैयार कराया।

बदरीनाथ, केदारनाथ, पंचकेदार, अमरनाथ, भारत-नेपाल और मानसरोवर जैसी यात्राएं भी वे कर चुके हैं।

वर्तमान में वे विभिन्न सामाजिक और सेवा संस्थाओं के साथ जुड़े हुए हैं।

https://youtu.be/iBt4bZTkf7E?si=1GFE6sW8MJtydhb8
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *