बेरोजगार संघ ने फर्जी प्रमाण पत्रों की शिकायत की
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में कथित फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्तियों का मामला एक बार फिर सामने आया है।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने हरिद्वार के एक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक के प्रमाण पत्रों पर सवाल उठाए हैं।
संघ ने शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोड़े से मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत पर शिक्षा महानिदेशक ने जांच कराने की बात कही है। हालांकि, संबंधित प्रधानाध्यापक और उनके दस्तावेजों को लेकर जांच के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं।
बेरोजगार संघ का दावा, पहले भी सामने आए ऐसे मामले
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल का कहना है कि उनके पास शिक्षा विभाग में
कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले लोगों से जुड़े कई मामले हैं।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले दो प्रधानाचार्यों के खिलाफ भी शिकायत की गई थी।
कंडवाल के मुताबिक, जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद दोनों को बर्खास्त किया गया था।
संघ ने हरिद्वार के विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक के मामले में भी जांच कर प्रमाण पत्रों की सत्यता स्पष्ट करने की मांग की है।
बर्खास्तगी के बाद रिकवरी और मुकदमे पर भी सवाल
शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्ति के आरोपों के बीच कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे मामलों में कुछ शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई है,
लेकिन संबंधित कर्मचारियों से वेतन की रिकवरी और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल हरिद्वार के प्रधानाध्यापक के मामले में जांच के बाद ही प्रमाण पत्रों की सत्यता और नियुक्ति की वैधता को लेकर स्थिति साफ होगी।

















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