2026-27 से लागू होगा 30:70 का फॉर्मूला
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन किया है। नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।
इसके साथ ही आंतरिक और सत्रीय परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना में ये बदलाव बताए गए हैं।
यह निर्णय 9 सितंबर को सक्षम प्राधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।
PG पाठ्यक्रमों में 30:70 के अनुपात में मूल्यांकन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अब 30:70 के अनुपात में मूल्यांकन होगा।
इसमें 30 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन और 70 प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षा के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे।
यह व्यवस्था 2026-27 और उसके बाद PG पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी।
2025-26 या उससे पहले प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए पुरानी मूल्यांकन व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी।
अनुपस्थित विद्यार्थियों को मिलेगा दोबारा परीक्षा का मौका
विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी राहत दी है।
किसी सेमेस्टर की आंतरिक या सत्रीय परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थी निर्धारित शुल्क जमा कर दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
विद्यार्थी आगामी किसी भी सम या विषम सेमेस्टर की संबंधित श्रेणी की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
हालांकि, यह सुविधा केवल अनुपस्थित विद्यार्थियों के लिए है। पहले प्राप्त अंकों में सुधार के लिए इसका लाभ नहीं लिया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, परिसर निदेशकों और संबद्ध महाविद्यालयों को अधिसूचना के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।















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