पुलिस ने हिरासत में लिया
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल और दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के
राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है।
दिल्ली में अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लोकभवन पहुंचे और न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
प्रेस वार्ता के बाद लोकभवन पहुंचे कांग्रेस नेता
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत,
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह शामिल हुए।
प्रेस वार्ता के बाद नेता अचानक लोकभवन पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उसे लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।
इसी दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह की धमकी भी दी। कांग्रेस ने सरकार से दुष्यंत कुमार गौतम की
राज्यपाल पद पर नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
गणेश गोदियाल बोले- उत्तराखंड के स्वाभिमान का सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में भाजपा शुरू से जनता को गुमराह करती रही है।
उन्होंने कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए।
गोदियाल ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मातृशक्ति को एकजुट होना होगा।
उनके मुताबिक, मामले को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं और इससे उत्तराखंड की छवि प्रभावित हो रही है।
हरीश रावत ने उठाए CBI जांच पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता प्रकरण को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मामला बताया।
उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता कथित VIP की पहचान जानना चाहते हैं और इस पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हरीश रावत ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की निंदा की।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल परिवार का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का है।
प्रीतम और हरक सिंह रावत ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में कथित VIP
की भूमिका को लेकर अब तक उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने CBI जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, हरक सिंह रावत ने माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को तानाशाही करार दिया।
उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी।















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