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पढ़ने योग्य वोटर लिस्ट पर भी कांग्रेस का हमला, ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग

13 करोड़ लोगों को मतदान से वंचित करने का आरोप, केसी वेणुगोपाल बोले- अधिसूचना से नहीं सुधरेगा नुकसान

कांग्रेस ने चुनाव आयोग की ओर से पहली बार राजनीतिक दलों को पढ़ने योग्य मतदाता सूची उपलब्ध कराने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी ने कथित वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

कांग्रेस का दावा है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के कारण 13 करोड़ भारतीय मतदान के अधिकार से वंचित हुए हैं।

‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और सरकारी गवाह बनें’

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि 2025 से मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची की मांग की जा रही थी, लेकिन अब उठाया गया कदम पर्याप्त नहीं है।

वेणुगोपाल ने ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह के निर्देशों पर हुए नुकसान की भरपाई अब अधिसूचना जारी करके नहीं की जा सकती।

कांग्रेस नेता ने कथित वोट चोरी को देशद्रोह का काम बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पलटने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग उठाई।

17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण

चुनाव आयोग ने गुरुवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया।

इनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर जैसे वे राज्य शामिल हैं,

जहां अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले ही विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

असम में कानूनी कारणों से SIR के बजाय विशेष पुनरीक्षण किया गया था। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को जारी की जाएगी।

पहली बार हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में मिलेगी पढ़ने योग्य सूची

चुनाव आयोग के नए प्रावधान के तहत राजनीतिक दलों को मसौदा और अंतिम चरण में

पढ़ने योग्य मतदाता सूची हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी, दोनों प्रारूपों में उपलब्ध कराई जाएगी।

चुनाव वाले राज्यों में उम्मीदवारों को भी दोनों चरणों की मतदाता सूची दी जाएगी।

इसके अलावा, आगामी 1 जनवरी तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इससे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, कांग्रेस ने इस फैसले को पर्याप्त नहीं माना है।

पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया में व्यापक सुधार भी जरूरी हैं।

वहीं, कथित वोट चोरी और 13 करोड़ लोगों के मतदान अधिकार से वंचित होने के दावे कांग्रेस के आरोप हैं,

जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं दी गई है।

https://regionalreporter.in/cabinet-minister-rekha-arya-husband-fir-dehradun/
https://youtu.be/2GhRDtqQKaw?si=zjWw3cGfeLL20Bo0
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