लकड़ी की नक्काशीदार संरचना को भारी नुकसान
कपकोट तहसील के दूरस्थ बदियाकोट गांव में मां भगवती मंदिर में भीषण आग लगने से मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। ल
कड़ी से बने मंदिर में आग तेजी से फैल गई, जिससे उसकी पारंपरिक संरचना और नक्काशीदार हिस्सों को क्षति पहुंचने की सूचना है।
नवरात्र के दौरान हुई इस घटना से स्थानीय श्रद्धालुओं में शोक और चिंता का माहौल है।
बदियाकोट गांव कपकोट से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है।
मां भगवती मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है।
लकड़ी पर की गई आकर्षक नक्काशी और पारंपरिक निर्माण शैली के कारण मंदिर की विशिष्ट पहचान थी।
नवरात्र में यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका
स्थानीय निवासी आन सिंह के अनुसार, मंदिर मुख्य रूप से लकड़ी से बना था।
मंदिर में बिजली की व्यवस्था थी और पूजा के दौरान दीपक भी जलाए जाते थे।
ऐसे में शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच की मांग, घटना से क्षेत्रवासी व्यथित
पूर्व ब्लॉक प्रमुख कपकोट गोविंद सिंह दानू ने मंदिर में आग लगने की घटना पर दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से घटना की जांच कराने की मांग की है।
दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के कारण बदियाकोट में आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल मंदिर को हुए नुकसान का आकलन और आग लगने के कारणों की जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
घटना से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को हुए नुकसान को लेकर चिंता बनी हुई है।

















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