बोली- घावों पर नमक छिड़कने जैसा फैसला
पीसी तिवारी और नरेश नौड़ियाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, प्रदेश सरकार से स्पष्ट रुख रखने की मांग
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित VIP को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के
मुद्दे पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने आक्रोश जताया है।
पार्टी ने इस फैसले को उत्तराखंड की जनता की भावनाओं का अपमान बताते हुए कहा कि
इससे अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे लोगों को गहरी ठेस पहुंची है।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उपपा संयोजक पीसी तिवारी और प्रधान महासचिव नरेश नौड़ियाल ने कहा कि प्रदेश में इस नियुक्ति का विरोध हो रहा था,
इसके बावजूद केंद्र सरकार ने जनता की भावनाओं का सम्मान नहीं किया।
उन्होंने इसे उत्तराखंड के घावों पर नमक छिड़कने जैसा फैसला बताया।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार उत्तराखंड की अस्मिता, सम्मान और जनभावनाओं की रक्षा करने में नाकाम रही है।
उन्होंने मुजफ्फरनगर कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड आंदोलनकारियों पर
अत्याचार के मामलों में भी दोषियों को बचाने के प्रयास हुए थे।
अंकिता को न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग
उपपा नेताओं ने कहा कि पिछले चार वर्षों से अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
उनके मुताबिक, इस मामले को लेकर प्रदेश में व्यापक जनआक्रोश रहा है और सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा भी की थी।
ऐसे में मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने से न्याय की मांग कर रहे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
हालांकि, कथित VIP की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच और न्यायिक निष्कर्ष अलग विषय हैं।
प्रदेश सरकार और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा
पीसी तिवारी और नरेश नौड़ियाल ने प्रदेश सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से नियुक्ति पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता को न्याय दिलाने और उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
उपपा नेताओं ने कहा कि पार्टी इस फैसले और प्रदेश की भावनाओं की अनदेखी के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सरकारों को उनके फैसलों के लिए जवाबदेह बना सकती है।















Leave a Reply