मौसम की मार: पार्वती कुंड जमी, पाला गिरने से मार्ग असुरक्षित, ग्रामीणों का माइग्रेशन शुरू
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में स्थित धार्मिक स्थलों आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर एक दिसंबर से रोक लगा दी गई है।
धारचूला तहसील प्रशासन ने मौसम की प्रतिकूलता, पानी के जमने और मार्गों के असुरक्षित होने को देखते हुए इनर लाइन परमिट (ILP) जारी न करने का निर्णय लिया है।
बंद किए गए परमिट
धारचूला एसडीएम जितेंद्र वर्मा के अनुसार, क्षेत्र में तापमान में तेज गिरावट के कारण पार्वती कुंड का पानी जम गया है।
रात में लगातार पाला गिरने से न केवल पैदल मार्ग बल्कि सड़क मार्ग भी यात्रा के लिए जोखिम भरे हो गए हैं। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने भी मार्गों को इस समय असुरक्षित बताया है।
पार्वती कुंड जमी, सड़क मार्ग भी प्रभावित
- पार्वती कुंड में पानी जम चुका है
- रात में पाला गिरने से फिसलन और अवरोध बढ़े
- बीआरओ की रिपोर्ट: सड़कें इस मौसम में सुरक्षित नहीं
- श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट
ग्रामीणों का माइग्रेशन शुरू
मौसम की सख्ती के कारण स्थानीय लोग ऊंचाई वाले इलाकों से निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं।
व्यास घाटी के कई गांवों से परिवार पलायन कर घाटियों में पहुंच चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में स्थायी निवास फिलहाल कठिन हो गया है।
इस साल 36,400 से अधिक परमिट जारी
एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि:
- वर्ष 2025 में अब तक 36,400 से ज्यादा इनर लाइन परमिट जारी किए गए
- पिछले वर्ष 2024 में परमिट 15 नवंबर को ही बंद कर दिए गए थे
- इस बार मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से रोकने का फैसला
5 नवंबर को बंद हुए शिव-पार्वती मंदिर के कपाट
आदि कैलाश क्षेत्र के व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी (करीब 14,500 फीट) में स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट पहले ही 5 नवंबर को बंद हो चुके हैं, जो क्षेत्र में सर्दी के बढ़ते प्रभाव का संकेत देता है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक यात्रा की योजना न बनाएं और आधिकारिक सूचना के बाद ही आवेदन करें।
















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