पिथौरागढ़ में चार सदस्यीय स्वतंत्र निगरानी समिति का गठन
उत्तराखंड में कारागार व्यवस्था की पारदर्शिता, मानवाधिकार संरक्षण
और सुधारात्मक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की पहल पर
मुख्य कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग, उत्तराखंड ने
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में चार सदस्यीय स्वतंत्र निगरानी समिति का गठन कर दिया है।
समिति का उद्देश्य
इस स्वतंत्र निगरानी समिति का मुख्य उद्देश्य कारागारों में बंदियों के
मानवाधिकारों की निगरानी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन, सुरक्षा
और सुधारात्मक गतिविधियों की स्थिति का मूल्यांकन करना है।
समिति समय-समय पर निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट संबंधित विभागों को सौंपेगी,
ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
समिति के सदस्य
पिथौरागढ़ में गठित इस चार सदस्यीय समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है-
- उप कारापाल विजय भंडारी -कारागार प्रतिनिधि
- डॉ. आशू अवस्थी– चिकित्साधिकारी, बीडी पांडे जिला चिकित्सालय
- विश्वदेव पांडेय ‘बासू’ – सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईस संस्था के संस्थापक
- जगदीश कलौनी -वरिष्ठ पत्रकार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मानवाधिकार आयोग की इस पहल को कारागार सुधार की दिशा में एक सकारात्मक और दूरगामी कदम माना जा रहा है।
स्वतंत्र निगरानी समिति के माध्यम से न केवल कारागार प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी,
बल्कि बंदियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।















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