कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किए
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस ने इस प्रकरण को लेकर भाजपा पर लगातार हमलावर रुख अपनाया है,
तो वहीं सत्ताधारी दल ने अनुसूचित जाति और मातृशक्ति के अपमान का मुद्दा बनाते हुए
प्रदेशभर में कांग्रेस के पुतले फूंके जाने की घोषणा की है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और प्रदर्शन
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मीडिया से कहा कि मामले में इंटरनेट पर वायरल वीडियो के लिए महिला नेत्री का धन्यवाद किया।
- उन्होंने कहा कि दोषियों की जाति का मुद्दा बनाना अनुचित है और सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
- पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की और डोईवाला ब्लॉक में कैंडल मार्च निकाला।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की सिटिंग जज के नेतृत्व में निष्पक्ष जांच की मांग की।
- यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लैंसडाउन चौक से बीजेपी महानगर कार्यालय तक कूच किया। पुलिस ने उन्हें रोकते हुए हिरासत में लिया।
भाजपा का जवाब
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के आरोप अनुसूचित जाति और मातृशक्ति का अपमान हैं।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वीआईपी और वरिष्ठ नेता को निशाना बनाने के लिए महिला का इस्तेमाल किया।
- भाजपा ने विरोध स्वरूप प्रदेशभर में कांग्रेस के पुतले फूंके जाने की योजना बनाई।
अंकिता के पिता की अपील
- अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर से अपील की कि यदि उनके पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें अदालत में प्रस्तुत करें।
- उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता पर किसी वीआईपी के लिए ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था।
- सरकारी स्तर पर मुकदमे की सुनवाई के दौरान दबाव बनाए जाने की भी बात सामने आई।
मुकदमा और न्यायिक कार्रवाई
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- पिता ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्ततम दंड दिया जाना चाहिए।
- इस मामले में नए दावों के आधार पर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर करने की संभावना है।
















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