126 प्रजातियों के 5806 पक्षी पाए गए
उत्तराखंड में एशियन वाटरबर्ड सेंसस अभियान
एशियन वाटरबर्ड सेंसस के तहत आसन वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों की गिनती का अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस दौरान 126 प्रजातियों के कुल 5806 पक्षियों की पहचान की गई।
इस अभियान में स्थानीय वन विभाग, उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड, ई-बर्ड इंडिया, तितली ट्रस्ट,
दून नेचर वॉक, वाइल्ड लाइफ प्रिवेंशन सोसायटी और कई शैक्षणिक संस्थान शामिल थे।
दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियां भी मिलीं
गणना के दौरान कई दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों के पक्षी वेटलैंड में दिखाई दिए, जिनमें शामिल हैं:
- स्टेप ईगल
- कॉमन पोचार्ड
- फेरूगिनस डक
- इजिप्शियन वल्चर
- पालाश फिश ईगल
- एशियन वूली नेक्ड स्टॉर्क
- रिवर लैपविंग
सबसे अधिक संख्या में सुर्खाब देखे गए। इसकी अधिक संख्या के कारण ही आसन वेटलैंड को रामसर साइट का दर्जा भी मिला हुआ है।
पिछले साल की तुलना में बेहतर आंकड़े
पक्षी गणना के समन्वयक संजय सोंधी ने बताया कि पिछले साल 2024 में
118 प्रजातियों के 5287 पक्षी गिने गए थे, जबकि इस साल 126 प्रजातियों के 5806 पक्षी पाए गए।
इस बार की गणना ने यह दर्शाया कि पक्षियों की संख्या और विविधता में सुधार हुआ है।
गणना में सहभागिता
गणना के दौरान भारी संख्या में पक्षी प्रेमी, छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवक और वनकर्मी शामिल रहे।
यह अभियान न केवल पक्षी संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि स्थानीय लोगों और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का भी एक अवसर रहा।
















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