एक सरकारी कर्मचारी का दायित्व सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी संवेदनशीलता ही उसे समाज में असली हीरो बनाती है।
ऐसी ही मानवता की मिसाल पेश की है Vishal Pradhan ने, जो उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, श्रीकोट में शाखा प्रबंधक हैं।
उन्होंने समय पर रक्तदान कर एक 5 दिन के नवजात शिशु की जान बचाई।
संकट की घड़ी में लिया त्वरित निर्णय
बेस अस्पताल Srinagar Garhwal में भर्ती एक नवजात की हालत गंभीर थी और उसे तुरंत रक्त की जरूरत थी।
परिजन लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें कम होती जा रही थीं।
जैसे ही यह जानकारी विशाल प्रधान तक पहुंची, उन्होंने बिना देर किए अपनी जिम्मेदारियों से ऊपर उठकर तुरंत अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया।
‘रक्तदान महादान’ को किया सार्थक
अस्पताल पहुंचकर उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के एक यूनिट रक्तदान किया। ‘रक्तदान महादान’ को केवल नारा न मानते हुए उन्होंने इसे अपने कर्म से साबित कर दिखाया।
उनके इस त्वरित कदम से नवजात को समय पर रक्त मिल सका और उसकी जान बच गई।
हर तरफ हो रही सराहना
नवजात के परिजनों ने भावुक होकर उनका आभार जताया और कहा कि एक अनजान व्यक्ति का इस तरह फरिश्ता बनकर आना वे कभी नहीं भूलेंगे।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में मानवता के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।
















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