आज बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय में ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर पर्व को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मुकेश चंद मैथानी ने की। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण भक्ति राम नैथानी , राजेंद्र पुरोहित, सुरेश पोखरियाल, ताजबर बिष्ट, साक्षी, पूनम, मोनिका, एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विशेष रूप से
पवन बंसल (व्यापारी), परमिला भंडारी, आशा फराशी (मैनेजमेंट) एवं पार्षद अंजना रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, विद्या-बुद्धि और संस्कारों की कामना की गई। बसंत पंचमी के अवसर पर बच्चों ने पीले वस्त्र धारण कर सांस्कृतिक वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया।
क्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी
बसंत पंचमी का पर्व ऋतु परिवर्तन और ज्ञान की आराधना का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इसे विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी की उपासना के रूप में मनाया जाता है।
यह दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखता है और शिक्षा की नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री मथानी जी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं।

















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