तडांग गांव में उमड़ी आस्था
61 दिनों के भ्रमण पर देवी की डोली, ढोल-दमाऊं और शंखध्वनि के बीच ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
तल्लानागपुर क्षेत्र की आराध्य देवी भगवती चण्डिका की घर दिवारा यात्रा इन दिनों पूरे क्षेत्र में
भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण बना रही है।
लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित यह दिव्य यात्रा गांव-गांव पहुंचकर
भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें आशीर्वाद दे रही है।
इसी क्रम में देवी की दिवारा यात्रा तडांग गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ
देवी का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
ढोल-दमाऊं और शंखध्वनि के बीच हुआ देवी का स्वागत
तडांग गांव में दिवारा यात्रा के पहुंचते ही पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल बन गया।
पारंपरिक ढोल-दमाऊं, रणसिंघा और शंखध्वनि के बीच देवी की डोली गांव में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
यात्रा के दौरान देवी की डोली के साथ विभिन्न देवी-देवताओं के निशाण भी गांव-गांव जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं।

मान्यता: देवी दूर करती हैं भक्तों के दुख-कष्ट
स्थानीय मान्यता के अनुसार इस दिव्य यात्रा के दौरान देवी अपने भक्तों के दुख-कष्ट दूर कर क्षेत्र में
सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर देवी के दर्शन कर रहे हैं।
ग्रामीण देवी के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखकर परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।
61 दिनों तक चलेगा घर दिवारा भ्रमण
तुंगेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल ने बताया कि भगवती चण्डिका की यह दिवारा यात्रा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि लगभग 25 वर्षों बाद आयोजित इस यात्रा को लेकर पूरे तल्लानागपुर क्षेत्र में
विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है। दूर-दराज के गांवों से भी लोग देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
यात्रा के दौरान देववाणी और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से लोगों को देवी का संदेश भी दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है यह यात्रा
जिला पंचायत सदस्य सम्पन्न नेगी ने कहा कि भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है,
बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक भी है।
इस यात्रा के माध्यम से गांव-गांव के लोग एकत्र होकर अपनी परंपराओं और आस्था को जीवित रखने का कार्य करते हैं।
14 मार्च को काण्डा गांव पहुंचेगी यात्रा
दिवारा यात्रा के सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने बताया कि 14 मार्च को भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा काण्डा गांव पहुंचेगी।
इसके बाद देवी की डोली अन्य गांवों का भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद देगी।
उन्होंने बताया कि देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है,
और इन दिनों पूरा तल्लानागपुर क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ है।















Leave a Reply