चोपता–फलासी में उमड़ा आस्था का सैलाब
तल्लानागपुर की हृदय स्थली के रूप में प्रसिद्ध चोपता क्षेत्र के फलासी में भगवती चण्डिका की उत्तर दिवारा यात्रा का दूसरा चरण वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के साथ विधिवत रूप से आरंभ हो गया है।
25 वर्षों बाद दिवारा यात्रा के आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और आस्था का वातावरण बन गया है।
हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तर दिवारा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवती चण्डिका की तपस्थली फलासी पहुंचे
और दर्शन-पूजन कर पुण्य अर्जित किया। यात्रा के प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चौण्ड गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दिवारा यात्रा का भव्य स्वागत किया।
केदार घाटी के गांवों और तीर्थों का करेगी भ्रमण
उत्तर दिवारा के अंतर्गत भगवती चण्डिका केदार घाटी के विभिन्न गांवों और तीर्थ स्थलों का भ्रमण करेंगी।
इस दौरान ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया जाएगा तथा अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक और
पौराणिक परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। यह यात्रा लगभग छह माह तक चारों दिशाओं में संचालित होगी।
ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ तक पहुंचेगी यात्रा
तुंगेश्वर महादेव मंदिर समिति फलासी के अध्यक्ष मानवेंद्र बर्त्वाल ने बताया कि दिवारा यात्रा का शुभारंभ 23 नवंबर को
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ था। सचिव पूर्ण सिंह खत्री के अनुसार उत्तर दिवारा के तहत यात्रा भौसाल, रूमसी, मणिगुह, भटवाड़ी, जगोठ, गणेशनगर, आसौ, कंडारा
और जलई सहित तुंगनाथ घाटी के गांवों का भ्रमण करते हुए भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
विशाल यज्ञ के साथ होगा समापन
चारों दिशाओं के भ्रमण के बाद घर दिवारा के अंतर्गत चोपता क्षेत्र के गांवों में भ्रमण किया जाएगा।
इसके पश्चात विशाल यज्ञ के साथ 25 वर्षों बाद आयोजित दिवारा यात्रा का विधिवत समापन होगा। ग्रामीणों में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह बना हुआ है।

















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