NIA का बड़ा खुलासा, 40 किलो हाई-ग्रेड विस्फोटक का इस्तेमाल
लाल किला पर हुए कार ब्लास्ट की जांच में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के मुताबिक यह धमाका कोई अचानक हुई घटना नहीं थी,
बल्कि इसकी साजिश साल 2023 से ही रची जा रही थी।
जांच में सामने आया है कि इस हमले में करीब 40 किलोग्राम हाई-ग्रेड विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।
फॉरेंसिक जांच में क्या सामने आया
ब्लास्ट साइट की फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि धमाके के लिए अमोनियम नाइट्रेट और ट्राइऐसीटॉन ट्राइपेरोक्साइड (TATP) का इस्तेमाल किया गया।
ये दोनों ही बेहद खतरनाक और रेयर केमिकल हैं, जिनकी बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन पर सख्त नियंत्रण होता है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े धमाके की वजह विस्फोटक की भारी मात्रा थी।
2023 से तैयार हो रही थी साजिश
NIA की जांच में सामने आया है कि कार चलाकर धमाका करने वाला उमर नबी और
उसके साथी वर्ष 2023 से इस हमले की योजना बना रहे थे।
पहले उनका इरादा जम्मू-कश्मीर में धमाका करने का था,
लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उनके मॉड्यूल का खुलासा हो जाने के बाद उन्होंने टारगेट बदलकर दिल्ली को चुना।
कहां से खरीदा गया विस्फोटक
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एक सूत्र ने बताया कि आरोपियों ने अमोनियम नाइट्रेट
और फर्टिलाइजर हरियाणा के सोहना, गुरुग्राम और नूंह की दुकानों से खरीदा था।
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के धौज गांव में
एक आरोपी के किराए के मकान से 358 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक भी बरामद किया था।
अब तक 9 गिरफ्तार, 7 की न्यायिक हिरासत बढ़ी
NIA इस मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
वहीं दिल्ली की एक अदालत ने सात आरोपियों डॉ. अदील राथर, डॉ. मुजम्मिल गनई,
डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली
और सोयब की न्यायिक हिरासत 8 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी है।
















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