रुद्रप्रयाग प्रशासन के कड़े आदेश: तय दरों से ज्यादा वसूली पर कार्रवाई तय
आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
रुद्रप्रयाग प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को पारदर्शी और उचित सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने होटल,
लॉज, रिसॉर्ट, धर्मशाला और होमस्टे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
दरें तय कराना अनिवार्य, नहीं तो कार्रवाई
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि सभी आवासीय इकाइयों को अपनी दरें जिला पर्यटन कार्यालय से अनिवार्य रूप से स्वीकृत करानी होंगी।
यदि कोई संचालक तय दरों से अधिक शुल्क वसूलता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण नहीं तो लगेगा जुर्माना
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी होटल और होमस्टे संचालकों को उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
बिना पंजीकरण संचालन करने पर चालान किया जाएगा।
10 हजार तक का जुर्माना तय
यह आदेश उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली 2014 (संशोधित 2016) के तहत जारी किया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
श्रद्धालुओं को मिलेगी पारदर्शी सुविधा
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सभी संचालकों से समय रहते पंजीकरण और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।


















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