उत्तराखंड में मानसूनी बारिश कहर बरपा रही है। शुक्रवार देर रात चमोली जिले के थराली कस्बे में बादल फटने से भारी तबाही हुई। तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने एसडीएम आवास, तहसील परिसर, बाजार क्षेत्र और कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में कई वाहनों के दबने और दुकानों के बहने की सूचना है, वहीं एक युवती और एक बुजुर्ग व्यक्ति के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

तहसील परिसर और आवासीय इलाके में मलबा
रात करीब एक बजे हुई इस घटना में तेज प्रवाह के साथ आया मलबा सीधे तहसील मुख्यालय और एसडीएम आवास तक पहुंच गया। तहसील परिसर में खड़े कई वाहन मलबे में दब गए। आसपास के घरों में भी पानी और मलबा भर जाने से लोग दहशत में अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
थराली के सगवाड़ा गांव में एक 20 वर्षीय युवती भवन के अंदर मलबे में दब गई, जबकि चेपडो गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। चेपडो और राडिबगढ़ में भारी तबाही से कई मकानों और दुकानों को नुकसान हुआ है।

बाजार क्षेत्र में दुकानें बह गईं
थराली बाजार से लगभग 20 से 40 मीटर पहले स्थित कई दुकानों को बहाव अपने साथ बहा ले गया। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत के आवास के पास करीब 10 से 12 फीट तक मलबा भर गया। वहीं कोटड़ीप इलाके में मकानों और दुकानों के साथ-साथ कई गाड़ियां भी मलबे में दब गईं।
यातायात और संचार व्यवस्था ठप
भारी बारिश से भूस्खलन और मलबा जमा होने से 50 से अधिक छोटे-बड़े वाहन दब गए। थराली मुख्य बाजार में 108 समेत कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़कें टूटकर ध्वस्त हो गई हैं, जिससे पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। क्षेत्र में संचार सेवाएं भी बाधित हो गईं।
प्रशासन अलर्टर
जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर तैनात हैं। वहीं, आपदा को देखते हुए थराली तहसील के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने 22 से 25 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। 23 अगस्त को कई जिलों में रेड और येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। लगातार बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं और कई संपर्क मार्ग बाधित हो चुके हैं।

















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