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कल्प केदार मंदिर के पुनर्निर्माण की तैयारी शुरू

धराली आपदा की पहली बरसी

धराली आपदा की पहली बरसी पर जिला प्रशासन ने पुनर्वास के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने धराली गांव पहुंचकर आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

इस दौरान ग्रामीणों के साथ 101 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और पुनर्निर्माण का संदेश भी दिया गया।

नवरात्र से शुरू होगी कल्प केदार मंदिर के मूल स्थान की खोज

धराली पहुंचने पर जिलाधिकारी ने समेश्वर देवता की देवडोली के दर्शन किए।

ग्रामीणों की मौजूदगी में देववाणी के माध्यम से प्राचीन कल्प केदार मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर शुभ मुहूर्त प्राप्त हुआ।

देववाणी के अनुसार नवरात्र की प्रथम तिथि से मंदिर के वास्तविक स्थान की खोज और पुनर्स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा।

इस घोषणा के बाद वर्षों से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है।

एएसआई और भू-वैज्ञानिकों की मदद से होगा पुनरुद्धार

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि कल्प केदार मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं,

बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान भी है।

मंदिर के मूल स्वरूप और वास्तविक स्थान की वैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भू-वैज्ञानिकों की सहायता ली जाएगी।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

प्रभावित परिवारों के लिए लगेंगे बहुउद्देशीय शिविर

जिलाधिकारी ने बताया कि धराली में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, उद्यान, पेयजल, विद्युत समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी,

ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और राहत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

राहत और पुनर्वास कार्यों को दी जा रही प्राथमिकता

प्रशासन के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा एसडीआरएफ मद से राहत और पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं।

प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, आधारभूत सुविधाओं की बहाली और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक राहत और पुनर्वास का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

ग्रामीणों में जगी नई उम्मीद

धराली आपदा की पहली बरसी पर श्रद्धांजलि, पौधरोपण और कल्प केदार मंदिर के पुनर्निर्माण की घोषणा ने स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगाई है।

ग्रामीणों का मानना है कि मंदिर का पुनरुद्धार न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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