उत्तराखंड सरकार ने सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है।
अब बिना मंजूरी किसी भी व्यक्ति का सरकारी दफ्तरों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
बिना अपॉइंटमेंट नहीं मिलेगी एंट्री
नई एसओपी के अनुसार अब किसी भी अधिकारी से मिलने के लिए पूर्व अनुमति यानी अपॉइंटमेंट अनिवार्य होगा।
एक बार में केवल दो लोग ही अधिकारी से मुलाकात कर सकेंगे, जिससे भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके।
डिजिटल विजिटर सिस्टम से होगी पहचान
सरकारी दफ्तरों में डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें आगंतुक की फोटो,
पहचान पत्र और मिलने का उद्देश्य दर्ज किया जाएगा, ताकि दफ्तरों में आने-जाने वालों पर पूरी निगरानी रखी जा सके।
रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी पर रोक
एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
सभी दफ्तरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और सख्त की जाएगी।
अधिकारी निजी सुरक्षा गार्ड नहीं ले जा सकेंगे
नई व्यवस्था के तहत अधिकारी अपने साथ निजी सुरक्षा गार्ड नहीं रख सकेंगे।
सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विभागीय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की होगी।
अनुचित व्यवहार पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार और आचरण पर विशेष नजर रखी जाएगी।
किसी भी तरह की अव्यवस्था, दुर्व्यवहार या हिंसा की स्थिति में तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा
सरकार का कहना है कि नई एसओपी का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में अनुशासन, पारदर्शिता और सुरक्षा को बेहतर बनाना है,
ताकि आम जनता को सुरक्षित और व्यवस्थित प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।
















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