हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 28 अगस्त 2025 को यूजीसी के तत्वावधान में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
रैली का शुभारंभ प्रातः 11 बजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह जी ने ध्वज दिखाकर किया। रैली को रवाना करने से पूर्व उन्होंने छात्रों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों को नवाचार, कौशल और ज्ञान से सशक्त कर रही है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में लागू विभिन्न एनईपी कार्यक्रमों की चर्चा की और कहा कि यह नीति शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाती है। कुलपति ने इस अवसर पर आयोजन समिति और सारथियों की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर प्रो. एम.एस. पंवार (डीन रिक्रूटमेंट एवं प्रमोशन), प्रो. ओ.पी. गुसाईं (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर), प्रो. एच.बी.एस. चौहान (डीन, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान) तथा प्रो. आर.एस. नेगी (निदेशक, चौरास कैंपस) एवं छात्रसंघ अध्यक्ष श्री जसवंत राणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
साथ ही शिक्षकों में प्रो. गुड्डी बिष्ट (अध्यक्ष, हिंदी विभाग), प्रो. एम.सी. सती (अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग), प्रो. रश्मि डयुडी, डॉ. एच. रॉय, डॉ. रुक्मणी, डॉ. ठाकुर देव पांडेय, डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. गांधी सिंह चौहान, डॉ. नितिन बिष्ट, डॉ. अनूप सेमवाल और डॉ. अनुराग गोयल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस आयोजन का संचालन विश्वविद्यालय एनईपी समन्वयक प्रो. प्रशांत कंडारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश नेगी और यूजीसी-एनईपी सारथी समन्वयक डॉ. चंद्रशेखर जोशी के संयुक्त निर्देशन में किया गया।
रैली आयोजन में एनईपी सारथियों रिया, अनुपम, लक्ष्मी नारायण, अर्पित, अखिलेश प्रसाद और आलपिनी जे.पी. ने विशेष भूमिका निभाई। इनके साथ ही एनएसएस स्वयंसेवकों, विभिन्न विभागों के छात्रों और शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर जागरूकता संदेश दिए। उल्लेखनीय है कि एनईपी 2020 की मुख्य विशेषताओं में समग्र शिक्षा, मल्टी-एंट्री व मल्टी-एग्ज़िट प्रणाली, मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा तथा व्यावसायिक शिक्षा की सुदृढ़ता शामिल है।

विशेषज्ञों का मत है कि यह नीति छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करेगी और भारत को आत्मनिर्भर व वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
विश्वविद्यालय में निकली यह रैली न केवल विद्यार्थियों के बीच एनईपी 2020 के प्रति उत्साह और जागरूकता लेकर आई, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट किया कि यह शिक्षा नीति आने वाले समय में देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य को नई दिशा प्रदान करेगी।
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