हर्षिल और मुखबा का दौरा; राहत कार्यों की समीक्षा
उत्तराखंड में हाल ही में आई भीषण आपदा के बाद, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने प्रभावित क्षेत्रों धराली, हर्षिल और मुखबा का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत एवं सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया।
राज्यपाल ने मुखबा में आपदा प्रबंधन, राहत एवं सुरक्षा कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों से चल रहे राहत और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता और पुनर्वास के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि प्रभावित लोग शीघ्र ही सामान्य जीवन में लौट सकें।
सेना और अन्य एजेंसियों की सराहना
राज्यपाल ने प्रभावित क्षेत्र में कार्य कर रहे जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के आपसी समन्वय की सराहना की।
उन्होंने उनकी निष्ठा, परिश्रम और त्वरित कार्रवाई को राहत एवं बचाव कार्यों में गति देने वाला बताया। विशेष रूप से राज्यपाल ने 14 राजपूताना रेजीमेंट के जवानों की सराहना की, जिन्होंने स्वयं आपदा से प्रभावित होने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय योगदान दिया।
धराली में कृषि और बुनियादी ढांचे का नुकसान
उत्तरकाशी जिले के धराली में 5 अगस्त को खीर गंगा ने बड़ी तबाही मचाई थी। इस आपदा में धराली बाजार पूरी तरह बह गया था। होटल, लॉज, भवन और दुकानें आपदा की चपेट में तबाह हो गई थीं।
वहीं धराली आपदा में सेब के पेड़ों को खासी क्षति पहुंचने के साथ ही इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में होने वाली राजमा की खेती को भी नुकसान पहुंचा है।
कृषि विभाग के अनुसार उत्तरकाशी जिले में 7.30 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि का नुकसान हुआ है। जिसमें से 3.10 हेक्टेयर कृषि का नुकसान धराली क्षेत्र में हुआ है। कृषि विभाग का आकलन है कि उत्तरकाशी में कुल 7 करोड़ 18 लाख रुपए की कृषि भूमि की क्षति हुई है।

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