- उच्च न्यायालय ने एलिवेटेड रोड पर हो रही गैर-कानूनी जनसुनवाइयों को रद्द कर दिया
- दून समग्र विकास अभियान से जुड़े अनूप नौटियाल की याचिका पर बड़ा फैसला
शंकर गोपाल
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार, 13 अगस्त को देहरादून में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए चल रही जनसुनवाई प्रक्रिया को गैर-कानूनी ठहराते हुए रद्द कर दिया और इसे नियम-कानून के अनुसार दोबारा कराने का आदेश दिया।
यह ऐतिहासिक फैसला दून समग्र विकास अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशेषज्ञ अनूप नौटियाल द्वारा दायर याचिका पर आया।
याचिका में जनसुनवाई की समयसीमा और प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं को चुनौती दी गई थी। अदालत ने इन आपत्तियों को सही मानते हुए पूरी प्रक्रिया निरस्त कर दी।
दून समग्र विकास अभियान ने कहा, “फरवरी से इस प्रक्रिया में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। हमने लगातार चेताया, लेकिन सरकार ने इस विनाशकारी परियोजना को आगे बढ़ाना जारी रखा।”
अभियान से जुड़े संगठनों ने सरकार से अपील की है कि ₹6200 करोड़ की इस बेवजह, जनविरोधी परियोजना पर अडिग रहने के बजाय, शहर में बस सेवाएं बढ़ाने, यातायात व्यवस्था सुधारने, रोज़गार सृजन और किफायती आवास उपलब्ध कराने जैसे हरित और जनहितकारी विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाए।

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