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सरोकारों से साक्षात्कार

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न

105 स्वर्ण पदक, 177 को पीएचडी; हजारों विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां

Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University का 12वां दीक्षांत समारोह मंगलवार, 24 मार्च को भव्य और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण ने की, जबकि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

105 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 177 को पीएचडी

दीक्षांत समारोह में कुल 105 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 2022-24 सत्र के 50 और 2023-25 सत्र के 55 विद्यार्थी शामिल रहे।

गढ़वाल विवि में स्नातकोतर तथा पीएचडी के डिग्रीधारियों तथा स्वर्ण पदक विजेताओं से रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन मांगे गए थे।

विवि के कुल 6806 डिग्रीधारियों के सापेक्ष 649 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रशन करवाया,

जबकि दो सत्रों में कुल 319 पीएचडी धारकों में से 177 पीएचडी धारकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना

मुख्य अतिथि Dhan Singh Rawat ने विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि

कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में संस्थान उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण उसकी नैक ग्रेडिंग है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है और राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

उन्होंने दीक्षांत समारोह में पारंपरिक सांस्कृतिक वेशभूषा को अपनाने की पहल को सराहनीय

बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में संस्कृति और परंपरा के प्रति रुचि बढ़ती है।

“डिग्री नई शुरुआत का प्रतीक”

कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत और क्षमता का प्रतीक है।

उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास में करें।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का संदेश

कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का संदेश भी पढ़ा गया,

जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों से देश की विकास यात्रा में भागीदारी निभाने और अपने ज्ञान को

समाज के हित में उपयोग करने का आह्वान किया।

नवाचार और भविष्य की तैयारी पर जोर

अध्यक्षीय संबोधन में कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण ने कहा कि विद्यार्थियों को अतीत

के ज्ञान से प्रेरणा लेकर वर्तमान में नवाचार करना चाहिए और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।

‘माउंटेन रिसर्च’ का विमोचन

समारोह के दौरान ग्रामीण एवं अभियंत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका माउंटेन रिसर्च के विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

अंत में कुलसचिव अनीश उज्जमां ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

गणमान्य रहे उपस्थित

कार्यक्रम में श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी, एसएसबी के डीआईजी सुभाष चंद्र नेगी,

प्रो. रामशंकर दुबे (पूर्व कुलपति, गुजरात विश्वविद्यालय), प्रो. मंजुला राणा सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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