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उत्तराखंड में 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण शुरू, वीरान गांवों की गणना प्रशासन के लिए बनी चुनौती

उत्तराखंड में आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा।

इसको लेकर राज्य शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है और जनगणना कार्य निदेशालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

इस चरण में प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद हर तरह के स्ट्रक्चर-मकान, दुकान, धार्मिक स्थल, कुएं और अन्य निर्माण की जानकारी जुटाई जाएगी।

30 हजार गणना ब्लॉक तैयार

मकान सूचीकरण के लिए पूरे राज्य में लगभग 30 हजार गणना ब्लॉक बनाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में अधिकतम 800 की जनसंख्या सीमा तय की गई है।

इन ब्लॉकों के आधार पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें संबंधित क्षेत्र का नक्शा तैयार कर मौके पर जाकर सर्वे करना होगा।

33 सवाल, एप के जरिए होगा डेटा अपलोड

गणना के दौरान नियुक्त इन्यूमेरेटर्स मकानों की नंबरिंग करेंगे और वहां रहने वाले लोगों से 33 निर्धारित सवालों के जवाब एकत्र करेंगे।

यह पूरी जानकारी जनगणना मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।

घोस्ट विलेज बने बड़ी चुनौती

उत्तराखंड में लगातार हो रहे पलायन के कारण सैकड़ों गांव आज घोस्ट विलेज की श्रेणी में आ चुके हैं।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 1792 गांव गैर-आबाद हैं। इनमें सबसे ज्यादा गांव पौड़ी, अल्मोड़ा, चमोली, बागेश्वर और हरिद्वार जिलों में हैं।

इन गांवों में जनगणना कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि कई स्थानों पर पूरे गांव में ताले लटके हुए हैं।

खाली घरों के लिए ‘लॉक्ड’ कैटेगरी

यदि किसी मकान में पूरे एक महीने तक कोई व्यक्ति नहीं मिलता या घर पूरी तरह बंद पाया जाता है,

तो उसे जनगणना में ‘हाउस ऑफ यूज – लॉक्ड’ श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। हालांकि ऐसे मकानों की नंबरिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी, लेकिन जनसंख्या शून्य दर्ज होगी।

घोस्ट विलेज भी रहेंगे गणना में शामिल

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घोस्ट विलेज भी राजस्व ग्राम हैं, इसलिए वहां भी अन्य क्षेत्रों की तरह गणना प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इन गांवों के लिए अलग से चार्ज ऑफिसर, सुपरवाइजर और इन्यूमेरेटर्स नियुक्त किए जाएंगे।

यदि किसी घर में कोई व्यक्ति निवास करता पाया गया, तो उसकी जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में दूसरे चरण के दौरान की जाएगी।

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