अहमदाबाद-भुवनेश्वर- दिल्ली दावेदार
भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने विशेष आम बैठक (SGM) में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भारत की बोली को मंजूरी दे दी है। यह फैसला उस समय लिया गया है जब बोली दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त नजदीक है।
मेजबान शहर की दौड़ में तीन नाम
अहमदाबाद को मेजबान शहर बनाने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन IOA अध्यक्ष पीटी उषा के अनुसार दिल्ली और भुवनेश्वर को भी मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। उषा ने कहा, “हमारे पास कई शहरों में बेहतरीन खेल सुविधाएं हैं, इसलिए अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा।”
भारत की खेल महत्वाकांक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। ऐसे में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका मानी जा रही है।
पारंपरिक खेलों पर जोर
IOA के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कहा कि योजना में पदक जीतने वाले खेल जैसे निशानेबाजी, तीरंदाजी और कुश्ती को शामिल किया जाएगा, साथ ही कबड्डी और खो-खो जैसे भारतीय पारंपरिक खेलों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
पिछला आयोजन और आगे की राह
राष्ट्रमंडल खेल हर चार साल में आयोजित होते हैं। अगला आयोजन 2026 में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होगा। अगर भारत को 2030 की मेजबानी मिलती है, तो यह 2010 (दिल्ली) के बाद दूसरी बार होगा जब देश इस प्रतिष्ठित इवेंट की मेजबानी करेगा।


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