भगवती कालीमाई कालीमठ वाली की 19वें दिन की देवरा पद यात्रा 2025 ने
पंचगाँई के अंतिम गूंठ गाँव जग्गी बागवान में प्रवेश कर भव्य स्वागत प्राप्त किया।
सात दिसंबर से शुरू हुई यह यात्रा कालीमठ, कविल्ठा, कोटमा, खोनू, चिल्लोंड,
जाल मल्ला, चौमासी, जाल तल्ला, रूच्छ महादेव, स्यांसूगढ़, ब्यूंखी, कुणजेठी
और बेडुला गाँवों में माता के दर्शन करा चुकी है।

गांव में हुआ भव्य स्वागत
ग्रामीणों ने पारंपरिक अर्घ्य, वाद्यध्वनि और भक्तिगीतों के साथ माता का स्वागत किया।
यात्रा दल ने गाँव के प्रमुख स्थलों जैसे हैजा मंदिर, मुड़्या इजर, द्यूका, जाख और मनणा मंदिर में पूजा-अर्चना की।
यात्रा का उद्देश्य और संदेश
कालीमाई पंचगांई समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने कहा कि
यह यात्रा केवल कालीमठ या पंचगाँई तक सीमित नहीं,
बल्कि समस्त देवभूमि के भक्तों की आस्था का प्रतीक है।
महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने बताया कि यात्रा ने आध्यात्मिक एकता के साथ ग्रामीण अंचलों में सामुदायिक संवाद को भी बढ़ावा दिया। श्रद्धालुओं ने माता की डोली/जमाण पर अर्घ्य और मौसमी फल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने किया आशीर्वाद ग्रहण
श्रद्धालुओं ने माता की डोली/जमाण पर अर्घ्य और मौसमी फल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यात्रा में ग्रामवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी रही।















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