उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य में लगभग एक लाख नकली NCERT किताबें बरामद की गई हैं।
इन फर्जी किताबों के जरिए लंबे समय से छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
सूचना मिलने के बाद की गई छापेमारी
जानकारी के अनुसार पुलिस और संबंधित विभागों को सूचना मिली थी कि बाजार में NCERT के नाम पर नकली किताबें छापकर बेची जा रही हैं।
इसके बाद अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली किताबों का जखीरा बरामद किया गया।
जांच में सामने आई प्रिंटिंग और सामग्री की खामियां
जांच के दौरान यह पाया गया कि नकली किताबें असली NCERT पुस्तकों की तरह ही दिखती थीं, लेकिन उनकी प्रिंटिंग क्वालिटी काफी खराब थी।
इसके अलावा कई जगहों पर पाठ्य सामग्री में भी गंभीर त्रुटियां पाई गईं, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ सकता था।
शिक्षा माफिया के नेटवर्क की आशंका
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जो बड़ी मात्रा में नकली किताबें छापकर बाजार में सप्लाई कर रहा था।
अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क राज्य के कई जिलों में सक्रिय हो सकता है।
प्रशासन ने दिए सख्त जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही यह भी कहा गया है कि बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अभिभावकों और स्कूलों से सतर्क रहने की अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों और स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही NCERT की किताबें खरीदें।
साथ ही अगर कहीं नकली किताबों की बिक्री की जानकारी मिलती है तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
















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