नववर्ष पर नेपाल की 6,476 मीटर ऊंची मेरा पीक फतह कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका उत्तराखंड
उत्तराखंड की बेटियां लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
अल्मोड़ा जनपद के खत्याड़ी क्षेत्र की निवासी पर्वतारोही नम्रता साह ने
नववर्ष 2026 के अवसर पर नेपाल स्थित विश्व प्रसिद्ध मेरा पीक (6,476 मीटर) का
सफल आरोहण कर न केवल अल्मोड़ा बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय
और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
यह उपलब्धि उच्च हिमालयी पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय अभियान में एकमात्र भारतीय महिला
यह शिखरारोहण सात सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल के तहत संपन्न हुआ।
1 जनवरी 2026 को शिखर तक पहुंचने वाली नम्रता साह इस दल की एकमात्र भारतीय महिला रहीं।
अत्यंत ठंडे मौसम, कम ऑक्सीजन और दुर्गम हिमालयी भू-भाग के बावजूद
उनका शिखर तक पहुंचना अदम्य साहस, शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक है।
परिवार, जिम्मेदारी और साहस का अद्भुत संतुलन
नम्रता साह एक सेना अधिकारी की पत्नी और सात वर्षीय पुत्र की माता हैं।
पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने साहसिक खेलों में निरंतर
उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
पहले भी कर चुकी हैं बड़ी उपलब्धियां
वर्ष 2025 में नम्रता साह ने एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा किया था।
इस 14 सदस्यीय दल में वे एकमात्र महिला थीं, जिन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप के साथ-साथ काला पत्थर शिखर तक भी पहुंच बनाई।
अल्मोड़ा की बेटी, विद्यार्थियों की प्रेरणा
खत्याड़ी, अल्मोड़ा निवासी कैलाश साह एवं मुन्नी साह की पुत्री नम्रता साह आर्मी पब्लिक स्कूल, अल्मोड़ा की पूर्व छात्रा हैं।
वर्तमान में वह इसी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं
और अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को साहसिक खेल, अनुशासन
और आत्मविश्वास के लिए प्रेरित कर रही हैं।
















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