गैरसैण के समीपस्थ गांवों को गैरसैण बाजार से जोड़ने वाले मार्गों की बदहाली के लिए शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को एक बार फिर रिखोल, नैल, कुमोल, जागड़ी तथा सेरा गाँव के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ज्ञापन भी भेजा।
ज्ञापन में कहा गया है कि, सड़क को बने हुए दस वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक भी इसका डामरीकरण नहीं हो पाया है। जिससे सड़क में बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं।
इन गढ्ढों में पानी एवं कीचड़ भर जाने से बरसात के मौसम में ग्रामीणों के लिए इस पर चलना दूभर हो गया है। ग्रामीण कई बार इस संदर्भ में विभागीय अधिकारियों तथा प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन इस पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी तथा लोक निर्माण विभाग गैरसैण के अधिशासी अभियंता को भी प्रेषित की गई है।

सड़क के खस्ताहाल में सुधार व डामरीकरण की मांग को लेकर नैल, कुमोली एवं सेरा के महिला मंगलदलों ने गैरसैण थाने पर प्रदर्शन किया व ये ईपीडब्ल्यूडी से लिखित आश्वासन व तुरंत काम शुरू करने की मांग की।
तीनों गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि, लगातार विभागीय अधिकारी एवं प्रशासन हमें आश्वासन दे रहा है लेकिन अब आश्वासन नहीं चलेंगे। यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रदर्शनकारियों में ग्राम कुमोली से रोशन, सबीना, शबाना, नगमा, प्यारन, सहिजन, जुम्मी, हसीना, मुन्नी, मुमताज, नजरन, तमाना, गफूरन, रजिया तथा ग्राम जागड़ी से मनीषा देवी, कल्पेश्वरी देवी, मीना देवी, अंजली देवी, प्रीति, रेखा देवी और ममता देवी आदि शामिल रहे।

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